अब अपना फर्नीचर बिज़नेस ऑनलाइन ले जाएं

100% सरकारी सब्सिडी के साथ!

Zero Effective Cost | 100% Reimbursement Model

About Scheme

राजस्थान सरकार की “Market Development Assistance” (MDA) स्कीम के तहत अपने बिज़नेस को डिजिटल करने के लिए भारी छूट (Subsidy) मिल रही है:

Website Development Subsidy: अपनी खुद की ई-कॉमर्स वेबसाइट बनवाने के लिए ₹75,000 तक की सहायता।

Amazon/Flipkart Onboarding Subsidy: मार्केटप्लेस (जैसे Amazon, Flipkart, Pepperfry) की फीस के लिए ₹1,00,000 (प्रति वर्ष) तक की सहायता।

10,00,000+ Amount Subsidy Delivered Already!

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हम आपके लिए क्या करेंगे? (Our Services)

हम (Balaji Media) सिर्फ वेबसाइट नहीं बनाते, हम आपको Subsidy दिलवाने तक का पूरा प्रोसेस हैंडल करते हैं।

  • 💻 Professional E-commerce Website: पेमेंट गेटवे के साथ कंप्लीट सेटअप।

  • 🛒 Amazon Seller Setup: अकाउंट बनाना, प्रोडक्ट लिस्टिंग और कैटलॉगिंग।

  • 📄 Documentation Support: सरकारी फाइल तैयार करना और DIC ऑफिस के लिए गाइडेंस।

  • 💰 Subsidy Claim: सही तरीके से फाइल जमा करवाना ताकि पैसा रिफंड आ सके।

The Process (यह कैसे काम करता है?)

  • Step 1: Consultation & Check सबसे पहले हम चेक करेंगे कि आपका प्रोडक्ट और बिज़नेस इस स्कीम के लिए Eligible है या नहीं।

  • Step 2: Digital Agreement & Work Start आप मोबाइल पर वर्क ऑर्डर साइन करेंगे और हम वेबसाइट/अमेज़न का काम शुरू कर देंगे। (No Advance Payment for Work)

  • Step 3: File Submission काम पूरा होने पर हम आपकी Physical File तैयार करेंगे जिस पर आपकी Seal & Sign लगेगी और उसे जिला उद्योग केंद्र (DIC) में जमा किया जाएगा।

  • Step 4: Amount Credited फाइल जमा होने के 20-30 दिनों में सब्सिडी का पैसा सीधे आपके Bank Account में आ जाएगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

जी हाँ, प्रभावी रूप से (Effectively) यह फ्री है। राजस्थान सरकार की ODOP/MDA योजना के तहत वेबसाइट बनाने का खर्च सरकार द्वारा Reimbursement (पैसा वापसी) के रूप में दिया जाता है। यानी लागत का पैसा सरकार आपको वापस दे देती है।

नहीं। Balaji Media का उद्देश्य व्यापारियों की मदद करना है। हम आपसे काम शुरू करने का कोई एडवांस नहीं लेते। वेबसाइट बनने और लाइव होने के बाद ही फाइल प्रोसेस की जाती है।

सब्सिडी की राशि सीधे आपके (Client के) बैंक खाते में आएगी। सरकार DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पैसा भेजती है, किसी एजेंट या एजेंसी के खाते में नहीं।

एक बार जब हम आपकी फाइल जिला उद्योग केंद्र (DIC) में जमा कर देते हैं, तो वेरिफिकेशन के बाद आमतौर पर 20 से 30 दिनों के भीतर पैसा आपके खाते में आ जाता है।

हाँ, बिल्कुल! अगर आप पात्र (Eligible) हैं, तो आप वेबसाइट के लिए ₹75,000 और अमेज़न/फ्लिपकार्ट के लिए ₹1 लाख तक—यानी दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ उठा सकते हैं। इसके लिए दो अलग-अलग फाइलें बनेंगी।

हाँ, बिल्कुल! अगर आप पात्र (Eligible) हैं, तो आप वेबसाइट के लिए ₹75,000 और अमेज़न/फ्लिपकार्ट के लिए ₹1 लाख तक—यानी दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ उठा सकते हैं। इसके लिए दो अलग-अलग फाइलें बनेंगी।

यह योजना केवल रजिस्टर्ड व्यापारियों के लिए है। अगर आपके पास GST नहीं है, तो आप अप्लाई नहीं कर सकते। हम सलाह देंगे कि आप पहले GST बनवा लें, फिर संपर्क करें।